राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के व्यापक सदर्भ में कार्य करने में कार्य करने वाले अखिल भारतीय छात्र संगटन के रूप में विद्यार्थी परिषद कार्यरत है !शिछा परिवार की सामूहिक अंतर्निहित शक्ति में विश्वास रकने वाला ,रचनात्मक कार्य में छात्रो के वर्धमान कर्तुत्व का संयोजन करनेवाला ,एवम दलगत राजनीती से ऊपर रहकर रचनात्मक द्रष्टिकोण लेकर सभी विषयों को देखने वाला यह संगठन है स्वाधीनता की प्राप्ती के साथ -साथ देश के पुनर्निमाण की चुनोती भी खड़ी हुई !सदियों की पराधीनता के कारण देश की प्रतिभा प्र गहरा मालिन्य चडा हुआ था !समाज के प्र्तेयेक अंग बलिष्ट होकर सरे समाज पुरुष को स्वस्थ ,सुद्र्ण जीवन प्रदान करने में अपना दायित्व पूरा कारण अत्यावश्यक हुआ था ,जिसके परिणामस्वरुप सम्पूर्ण राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की प्रकिया पूरी हो जाती !इस परिप्रेछ्य से विद्यार्थी परिषद् ने अपने शिछा छेत्र में यह कार्य करने का निश्चय किया ! १९४९ में दिल्ली में परिषद् की स्थापना होने के बाद धीरे-धीरे कार्य का विस्तार सभी विश्विधालयो के छात्रो में हुआ !छात्रो की जायज मांगो के लिए छेड़े हुए आंदोलनों एवम संघर्षो में परिषद् ने छात्रो का योग्य एवम सफल नेतृत्व किया परिणामत; भ्रष्ट या अकार्यछम अधिकारियो के गलत निर्णयों के खिलाफ दृड़ता से लड़ने वाला सशक्त रचनात्मक संगठन इस प्रकार की परिषद् की छवि देश के छात्र जगत
में उभरी है राष्ट्रीय संकतो एवम चुनोतियों के समय परिषद् ने किये हुए कार्य की सर्वत्र सराहना हुई है १विदेशी आक्रमणों के पर्व में नागरिक सुरछा समितियों में परिषद्का र्यकर्ताओ ने जिस नि; स्वार्थ सेवाभाव के एवम सक्रीय सहभाग की बोमिका निभायी, उसकी शाशन के आधिकारियो एवम सामान्य जनों में मुक्त प्रसंशा की है !परिषद के विभिन्न प्रकल्पों एवम कार्यकमोंमें राष्ट्रीय एकात्मता एवम सामाजिक जागरण के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण स्थान है !साथ ही छात्रों के आर्थिक एवम अन्य प्रश्नों को सुलझाने वाले,उनके सुप्त गुणों का विकास कर उनकी सर्वांगीण प्रगति में गति प्रदान करनेवाले कार्यक्रमों का उनमे समावेश है !पुस्तक पेडी,छात्रों के लिए अवकाशकालीन रोजगार योजना ,विज्ञानं छात्रो ,के लिए उपकरण पेडिया,मेधावी छात्रो के अभिन्दन समारोह ,अंतरमहाविधालय एवम अंतरविश्विद्यालयीन संगीत,चित्रकला प्रतियोगिताये,साहित्यक प्रतियोगिताये,छात्र लेखक-साहित्यकार सम्मलेन,खेलकूद स्पर्धाये,साहचर्यसंनद्या,सर्वेछनकार्य व्यक्तित्व एवम नेत्र्तृत्व विकास शिविर,तकनीकी वेधक,प्र्वंधाकीय,क्रषि छात्रों हेतु कार्यशाला,तकनीकी प्रदर्शन,भारत -विदेशी छात्र जीवन दर्शन,इलाको में श्रमसंस्कारशिविर,स्वाध्याय मंडल अंतर्राज्य छात्र जीवन दर्शन,मेरा घर भारत देश,विकासार्थ विद्यार्थी आदि अनेक कार्यक्रम के प्रकल्प इसके उदाहरन है ! परिषद् की यह मान्यता है की अब छात्र कल का नहीं,अपितु आज कानागरिक है!देश के जीवन में उसको सहभागी भूमिका निभानी है !समाज जीवन के संघर्षो से अलिप्त,शिछा संस्थानों के कोशः में सुरछित न होते हुए अन्य नागरिको के समान यह सामाजिक,आर्थिक तनावों एवम संघर्षो का सीकर है !समस्यायों एवम कुरीतियों के खिलाफ चल रहे व्यापक संघर्ष में सक्रीय सहभागिता उसकी नियती है ! एक स्वतंत्र,निहीत स्वार्थ से मुक्त,परिवर्तन शील समूह के रूप में शिछित छात्र शक्ति परिवर्तनकारी राष्ट्रशक्ति है! लोकशिछा,लोकसेवा एवम लोकसंघर्ष द्वारा विद्यार्थी समुदाय परिवर्तन की प्रक्रिया को तेज करने में अग्रणी भूमिका निर्वाह करे ,भावात्मक भूमिका से निर्माण का दायित्व लेने वाली एवम साथ ही साथ भ्रष्ट्रचार समाजविघातक तथा राष्ट्र-विघातक
प्रवृती का मुकवला सफलता से करने वाली राष्ट्र शक्ति बने,यही विद्यार्थी परिषद का प्रयाश है!