बच्चों के साथ जघन्य कृत्य करने वाले को हो मौत की सज़ा कठुआ दुष्कर्म और हत्या मामले में सीबीआई (CBI) जांच अनिवार्य - आशीष चौहान

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कठुआ में 8 -वर्षीय बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या की विस्तृत जांच और दोषियों को शीघ्र दण्डित करने हेतु तुरंत सीबीआई (CBI) जाँच की मांग करती है।  अभाविप  के राष्ट्रीय महामंत्री श्री आशीष चौहान ने जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा मामले में की गई लापरवाही की निंदा करते हुए कहा की उस अबोध बालिका को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए और जिन लोगों ने ऐसा घृणित अपराध किया है उनको कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।  गौरतलब है कि अभाविप की कठुआ इकाई ने 19 जनवरी 2018 को ही इस विषय में जांच हेतु कठुआ में विरोध प्रदर्शन किया था।  12 मार्च 2018 को पुनः अभाविप कठुआ ने इस मामले में विरोध प्रदर्शन कर न्याय की मांग की थी । 

श्री आशीष चौहान ने कहा कि इस मामले में कठुआ क्षेत्र की जनता शुरू से ही विस्तृत जांच की मांग कर रही है किन्तु जम्मू-कश्मीर सरकार ने जिस तरह इस मामले में लापरवाही बरती और कश्मीर की क्राइम ब्रांच को यह मामला सौंप दिया वह कई प्रश्न खड़े करता है।  दोषियों को पकड़ने के साथ ही यह भी सरकार की जिम्मेदारी है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को और सामान्य जनता को प्रताड़ित न किया जाए किन्तु इस मामले में क्राइम ब्रांच के आते ही जिस प्रकार वहां के सामान्य लोगों को प्रताड़ित किया गया और घटनास्थल को नई चार्जशीट में गौशाला से देवस्थान बताकर इसका सांप्रदायिक दृष्टिकोण स्थापित किया गया उससे असली घटनाक्रम पर संशय बढ़ गया और कठुआ में सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ ।  जनवरी में हुई इस शर्मनाक घटना पर जिस प्रकार अचानक अप्रैल में  देश भर में राजनैतिक रोटियाँ सेकी जा रही हैं और जानबूझकर इसे साम्प्रदायिक रंग देकर देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है वह भी अत्यंत अमानवीय है।  दोषियों को सज़ा दिलाने और सच उजागर करने हेतु इस मामले की सही तहकीकात होना और समयबद्ध रूप में होना नितांत आवश्यक है।                      

अभाविप का स्पष्ट मत है कि ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले अमानवीय लोगों को मौत की सज़ा दी जानी चाहिए और देश में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने हेतु सरकार व समाज को गहन चिंतन करना चाहिए।  बलात्कार पर कड़े क़ानून और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।  साथ ही, समाज में वृहत्त स्तर पर महिला विरोधी हिंसा के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी आवश्यकता है। 

 

Date: 
Apr18