दि. 26 सितम्बर 2026
-: प्रेस विज्ञप्ति :-
निजी विश्वविद्यालयों की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश उच्च शिक्षा में जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) निजी विश्वविद्यालयों द्वारा वित्तीय विवरणों के प्रकटीकरण को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश का स्वागत करती है। न्यायालय द्वारा निजी विश्वविद्यालयों से ऑडिट किए गए खातों, शुल्क संरचना तथा सरकार से प्राप्त लाभों सहित वित्तीय जानकारी के प्रकटीकरण की दिशा में दिए गए निर्देश उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और विद्यार्थियों के हितों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। निजी विश्वविद्यालयों की वित्तीय कार्यप्रणाली एवं शुल्क संरचना में पारदर्शिता विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में अत्यंत आवश्यक है।
उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हितों से सीधे जुड़ी हुई है। निजी विश्वविद्यालयों में शुल्क संरचना, वित्तीय प्रबंधन तथा सरकार से प्राप्त विभिन्न सुविधाओं और लाभों से संबंधित जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आने से विद्यार्थियों और समाज के बीच संस्थानों के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। विश्वविद्यालयों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर दिशा देना होना चाहिए। ऐसे में वित्तीय व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा, "निजी विश्वविद्यालयों की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का निर्देश स्वागतयोग्य है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि संस्थान में ली जा रही फीस का स्वरूप क्या है और संस्थान की वित्तीय व्यवस्था किस प्रकार संचालित हो रही है। उच्च शिक्षा केवल एक सेवा या व्यवसाय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य और समाज के निर्माण से जुड़ा क्षेत्र है। इसलिए विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है। सर्वोच्च न्यायालय के इस निर्देश से विद्यार्थी हितों की रक्षा और उच्च शिक्षा व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।"
(यह प्रेस विज्ञप्ति केन्द्रीय कार्यालय मंत्री श्री अनूप सिंह द्वारा जारी की गई है।)