TMC पोषित गुंडों द्वारा अभाविप के ध्वज-बैनर फाड़कर विद्यार्थियों पर हमला, स्वतंत्रता दिवस पर शैक्षणिक परिसर को हिंसा का अखाड़ा बनाना निंदनीय: अभाविप

  दि. 15 अगस्त 2026

 

-: प्रेस विज्ञप्ति :-

 

TMC पोषित गुंडों द्वारा अभाविप के ध्वज-बैनर फाड़कर विद्यार्थियों पर हमला, स्वतंत्रता दिवस पर शैक्षणिक परिसर को हिंसा का अखाड़ा बनाना निंदनीय: अभाविप

राष्ट्रीय ध्वज फहराने की आड़ में कॉलेज परिसर में राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने का प्रयास अस्वीकार्य, विद्यार्थियों पर हमला TMCP की राजनीतिक हताशा का प्रमाण: अभाविप

 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, तृणमूल कांग्रेस द्वारा पोषित गुंडों द्वारा अशुतोष कॉलेज परिसर में अभाविप के ध्वज एवं फ्लेक्स बैनर फाड़ने, ईंट-पत्थर चलाने तथा कॉलेज के विद्यार्थियों मानस कुंडू एवं सौपर्णी सेन पर डंडों से हमला करने की कड़ी निंदा करती है। राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर शैक्षणिक परिसर में बाहरी राजनीतिक तत्वों को लाकर हिंसा करना केवल अभाविप के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पूरे विद्यार्थी समाज के लोकतांत्रिक अधिकारों और परिसर की गरिमा पर हमला है। विद्यार्थियों पर हुए इस हमले के विरोध में अभाविप कार्यकर्ताओं ने भवानीपुर थाने के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।

 

अशुतोष कॉलेज में तृणमूल छात्र परिषद द्वारा बाहरी लोगों के साथ पहुंचकर अभाविप के ध्वज-बैनर को निशाना बनाना और विद्यार्थियों पर डंडों से हमला करना उसकी राजनीतिक असहिष्णुता एवं हताशा को दर्शाता है। राष्ट्रीय ध्वज फहराना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज की आड़ में कॉलेज परिसर में राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने और विद्यार्थियों पर हमला करने का अधिकार किसी को नहीं है। ‘एग थेरेपी’ जैसे प्रसंग को मूल घटना से ध्यान भटकाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। अभाविप ऐसे कृत्य का समर्थन नहीं करती, लेकिन आज की घटना का केंद्र बाहरी तत्वों द्वारा परिसर में प्रवेश, अभाविप के ध्वज-बैनर फाड़ना और विद्यार्थियों पर किया गया हमला है। शैक्षिक संस्थान को राजनीतिक वर्चस्व और हिंसा का केंद्र बनाने का प्रयास पश्चिम बंगाल की उस राजनीति का परिचायक है, जिसमें विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक संवाद के स्थान पर भय और बाहुबल के माध्यम से प्रभाव स्थापित करने की कोशिश की जाती है। अभाविप स्पष्ट करती है कि शैक्षणिक परिसर किसी राजनीतिक दल के शक्ति प्रदर्शन का स्थान नहीं हैं। पश्चिम बंगाल के विद्यार्थी ऐसी हिंसक राजनीतिक संस्कृति को स्वीकार नहीं करेंगे और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों तथा परिसर की गरिमा की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।

 

अभाविप, दक्षिण बंगाल के प्रांत मंत्री श्री नीलकंठ भट्टाचार्य ने कहा कि, "अशुतोष कॉलेज में तृणमूल कांग्रेस द्वारा पोषित गुंडे अभाविप के ध्वज-बैनर फाड़ना, ईंट-पत्थर चलाना और विद्यार्थियों पर डंडों से हमला करना उसकी राजनीतिक हताशा एवं असहिष्णुता का प्रमाण है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर शैक्षणिक परिसर को राजनीतिक हिंसा और शक्ति प्रदर्शन का केंद्र बनाना अत्यंत शर्मनाक है। तृणमूल कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि विद्यार्थियों पर हमला करने के लिए बाहरी गुंडों को कॉलेज में क्यों लाया गया? शैक्षणिक परिसर किसी राजनीतिक दल के बाहुबल प्रदर्शन का स्थान नहीं हैं। पश्चिम बंगाल के विद्यार्थी भय और हिंसा की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे तथा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और परिसर की गरिमा की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।"

 

 

 

 

 

 

(यह प्रेस विज्ञप्ति केन्द्रीय कार्यालय मंत्री श्री अनूप सिंह द्वारा जारी की गई है)

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